आप इंटरनेट तो हमेशा ही इस्तमाल करते रहते हैं पर क्या कभी आपने यह सोचा है कि है इंटरनेट कैसे काम करता है और इस को कौन चलाता है।

यदि आप भी यह जाना चाहते हैं कि इंटरनेट कैसे काम करता है तो यह लेख आपके लिए बहुत ज्यादा लाभकारी रहेगा।

क्योंकि आज हम इस लेख में इसी के बारे में बात करेंगे कि इंटरनेट क्या है और internet kaise kaam karta hai?

आप तो जानते ही है कि इंटरनेट आज के जमाने में कितना जरूरी है इसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते।

तो चलिए आज हम इस पर चर्चा करते हैं और मिलकर समझते हैं कि ये सब कैसे करता है।

तो ज्यादा देर न करते हुए आगे बढ़ते हैं!

What Is Internet In Hindi – इंटरनेट क्या है?

इंटरनेटर का पूरा नाम Interconnected Network होता है। यह एक तरह का Global नेटर्वक होता है जोकि पूरी दुनिया में फैला हुआ नेटवर्क है और इसीलिए इसे WWW (World Wide Web) कहते हैं । दूसरे शब्दों में बात करू तो बहुत सारे डिवाइस (मोबाईल, लेपटॉप राऊटर आदि) को आपस मेें जोड़ना।

1969 में US के रक्षा मंत्रालय ने  ARPA (Advance Research Project Agency) को नियुक्त किया था जिन्होने चार एजेंसियों का नेटवर्क बनाया था। जिसमें उन्होेंने डाटा को शेयर तथा एक्सचेंज किया था बाद में इसमें और एजेंसियों को भी शामिल किया था और बाद में इंटरनेट को आम नाागरिको के लिए भी शुरू किया गया।

Internet Kaise Kaam Karta Hai-इंटरनेट कैसे काम करता है?

यहां हम जानेंगे की इंटरनेट कैसे काम करता है? जब आप इंटरनेट ऑन करते है तो ऐसा क्या जो आप एक क्लिक करते ही फोटो, वीडियो या कोई अन्य जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। ऐसी क्या चीज है जिससे हम चन्द सेकंड में दुनिया के किसी भी कोने की खबर तुरन्त देख सकते हैं? आपके क्लिक करने और स्क्रीन बदलने तक की प्रकिया किस तरह काम करती है?

क्या आप ये सब जानते हैं? तो चलिए मैं आपको समझाता हूं।

इसको समझने ने पहले सर्वर के बारे में कुछ जानते हैं। आपके डिवाइस और मेरे डिवाइस को जोडने वाला जो बिचौलिया होता है जिसे आप और हम server के नाम से जानते है जोकि एक तरह का computer ही होता है।

बस इसका काम यही होता है कि जो डाटा इंटरनेट पर upload होता है उसको संभाल कर रखना और लोगों की डिमान्ड केे हिसाब से उन तक पहुँचाना।

जैसै अभी आप यह आर्टिकल पढं रहे हो यह भी सर्वर में ही स्टोर है और ये सर्वर भी बहुत बड़े-बड़े data center company जैसे गूगल आदि के  पास होता है और ये सेन्टर हमसे हजारों मील की दूरी पर है जहाँ से ये डाटा हम तक पहुँचता है।

पर सवाल ये है कि आखिर ये आर्टिकल आप तक आया किस तरह?

ये सब समझने के लिए आप इस लेख तो पढ़ते रहिये आपको सब समझ में आ जायेगा।

#1.सैटेलाइट की मदद से

इसके कई तरीके हो सकते  हैंं पहला तरीका तो ये हो सकता है जो कि आप सब के दिमाग में भी कभी न कभी आया होगा Satellite की मदद से, ये तरीका कारगर तो है पर इसमे पहले डाटा सैटैलाईट के पास जाता है जो कि हमसे हजारों मील की दूरी पर है और फिर हमारे डिवाइस तक पहुँचता है पर ये तकनीक काफी धीमी जिस कारण ये इतनी कारगर नहीं है।

#2.Optical Fibre तकनीक के द्वारा

बात करते हैं दूसरे तरीके की जिसे Optical Fibre Cable तकनीक के नाम से जानते है पूरी दुनिया में इस केबल का जाल बिछा हुआ है जहाँ समुद्र में बहुत सारे ऑपटिकल फाइबर केबल मौजूद है।

इनमें सिग्नल Light के फॉर्म में डाटा प्राप्त होता है क्योकि लाईट की स्पीड सबसे अधिक मानी जाती है पर ये डाटा थोड़ी धीमी स्पीड से जाता है क्योकि यह डाटा सीधा-सीधा न चलकर टेढा-मेढ़ा (Zig-Zag) चलता है।

सारे महाद्वीपों को आपस में जोडने के लिए इन्ही केबल(समुद्र,जमीन में स्थित) का प्रयोग होता है।

अब सोचेंगे कि हमारे फोन में तो कोई केबल नहीं है फिर भी इंटरनेट चलता है। ऐसा इसलिए ये क्योकि ये केबल हमारे नजदीकी Cellphone Tower से जुडा होता है और हमारे फोन तक यह डाटा विधुत चुम्बकीय तरोगों की फार्म में पहुचता है।

#3. IP Address का महत्व

अब आप ये भी सोेच रहे होगे की सर्वर को कैसे पता होता है कि यह डाटा कहाँ पर स्थित है और इसे कहां पर पहुंचना है। तो यहाँ काम आता है IP Address, जितने भी डिवाईस मौजूद है ये IP address हर डिवाइस का अलग अलग होता है, जिसे एक तरह से Unique address भी कहते है। इसे हम Postman की तरह समझ सकते हैं।

Internet Ka Malik Kaun Hai-इंटरनेट का मालिक कौन है?

आप तक इंटरनेट को पहुतचाँने का काम ISP(Internet Service Provider) कम्पनी करती है जिन्हे हम Airtel, Vodafone or Jio आदि नामो से जानते हैं पर हम ऐस बिल्कुल नहीं कह रहे है कि ये कम्पनियाँ इनकी मालिक है और न ही इनका पूरे इंटरनेट पर कंट्रोल है। इसे समझने के लिए आपको धोडा और जानना चाहिए। तो फिर इसे भी समझने की कोशिश करते हैं।

  • पहले वह कम्पनी वे बड़ी-बड़ी कम्पनी आती है जिन्होने समुद्ग में अपनी आप्टिकल फाइबर केबल बिछाई है जो कि international कम्पनी है जिन्हे हम no.1 पर रखते हैं।
  • दूसरे नम्बर पर वे कम्पनी जो हमारी service provider कम्पनी है जो national level पर मौजूद है यानी जिन्होंने अपनी केबल देश भर में बिछाई हुई है इन्हें हम no.2 पर रखेंगे।
  • तीसरे नम्बर पर वे छोटी कम्पनी आती है जो सिर्फ राज्य या केवल शहर तक ही सीमित है इन्हे हम no.3 मे रखते हैं।

अब अगर no.2 की कम्पनी को इंटरनेट चाहिए तो उसको no.1 की कम्पनी पैसे देने होते हैं या फिर किराया देना होता हैै और आगर no.3 की कम्पनी को इंटरनेट चाहिए तो उसको no.2 की कम्पनी को पैसे देने होते हैें।

तब जाकर यह इंटरनेट हम तक पहुँचता है इस प्रकार यह कहना मुश्किल है कि इंटरनेट का असली मालिक कौन है? क्योकि यहाँ सब कम्पनी एक दूसरे पर पूरी तरह निर्भर है।

Internet Ka Upyog-इंटरनेट का उपयोग

अगर हम बात करे इंटरनेट के उपयोग की तो इंटरनेट दुनिया के हर कोने में किया जाता है लगभग हर कोई इसके बारे में जानता ही है फिर भी हम जानने की कोशिश करेंगे की इंटरनेट का उगयोग मुख्यतः किस रूप में किया जाता है।

  • आनलाईन पढाई करना
  • गेमिंग करना
  • वीडियो कॉलिंग/कॉलिंग करना
  • आनलाईन वीडोयो, फोटो आदि देखना
  • आनलाईन फार्म भरना
  • परीक्षा देना
  • टिकट आदि करना
  • आनलाईन शोपिंग करना
  • नेटबैंकिंग/फोेन बैंकिंग करना
  • ई-मेल भेजना
  • साचार देखना
  • फेसबुक, इंस्टाग्राम वाट्सएप आदि सोशल मीडिया प्लेट्फार्म के इस्तेमाल में

आदि बहुत से उपयोग है जिनके बारे में अगर औऱ अधिक जानना चाहते है तो हमें स्पर्क करें।

आज हमने यह जानाआपने आज “Internet Kaise Kaam Karta Hai” के बारे में क्या सीखा

आज हमने जाना कि इंटरनेट क्या हैं, Internet Kaise Kaam Karta Hai, इंटरनेट का मालिक कौन है, इंटरनेट का उपोग इन सभी के बारे में जाना और अगर आपको इसके बारे में कुछ और जानना है या फिर आपका कोई भी प्रश्न है या आपकोकिसी औऱ टॉपिक पर आर्टिकल चाहिए तो आप हमें कमेंट कर  सकते हैें । धन्यवाद

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