आप इंटरनेट पर जानकारी सर्च करने के लिए गूगल का इस्तेमाल करते हैं परंतु आप उससे पहले अपने मोबाइल में क्रोम, फायरफॉक्स, ओपेरा जैसे ब्राउज़र भी खोलते हैं।

तो क्या आप यह जानते हैं कि web browser kya hai या फिर web browser kaun sa software hai.

अगर नहीं तो यह लेख आपके लिए काफी ज्यादा लाभकारी होगा क्योंकि आज हम इस लेख में यह जानेंगे कि वेब ब्राउज़र क्या होता है और यह कैसे काम करता है।

तो चलिए शुरू करते हैं।

Web Browser Kya Hai – वेब ब्राउज़र क्या है?

वेब ब्राउज़र एक तरह का सॉफ्टवेयर होता है जो कि हमें गूगल, बिंग और याहू जैसे सर्च इंजन से जोड़ता है ताकि हम इंटरनेट पर कोई भी इंफॉर्मेशन ढूंढ सकें।

वेब ब्राउज़र यूजर और सर्च इंजन में इंटरफेस प्रोवाइड करता है इसका मतलब यह हुआ कि वह हमें यह सुविधा प्रदान करता है कि हम इंटरनेट पर जानकारी सर्च कर सकें। 

काफी लोगों को ऐसा लगता है कि वेब ब्राउज़र ही वह चीज है जो हमारे लिए इंटरनेट से इंफॉर्मेशन लाती है।

परंतु ऐसा नहीं है क्योंकि वेब ब्राउज़र का काम सिर्फ यह होता है कि वह हमें सर्च इंजन से कनेक्ट करें ताकि हम अपने जरूरत की चीज इंटरनेट पर ढूंढ सके। यदि आप यह जानना चाहते हैं कि Search Engine Kya Hai तो आप हमारे यहां लेख पढ़ सकते हैं।

Web Browser Ka Itihash – वेब  ब्राउज़र का इतिहास 

वेब ब्राउज़र बनाने की शुरुआत 90 के दशक में हुई थी। 90 के दशक में Tim Berners Lee को अपने काम से काफी बार एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में इंफॉर्मेशन भेजनी होती थी और साथ ही साथ उन्हें उस इन्फ्रेमेशन का इस्तेमाल पहले कंप्यूटर में भी करना होता था। इसीलिए उन्होंने इस समस्या को हल करने के लिए हाइपरलिंक्स (hyperlinks) का इस्तेमाल किया।

हाइपरलिंक एचटीएमएल का एक हिस्सा होता है जिसकी मदद से आप एक पेज पर जो लिंक मौजूद है उस पर क्लिक करके दूसरे पेज पर जा सकते हैं और इसी का इस्तेमाल करते हुए Tim Berners Lee ने अपनी समस्या का हल किया।

पर अब समस्या यह थी कि एचटीएमएल प्रोग्राम्स मे खास तरह के कमांड्स और कोड का इस्तेमाल किया जाता है जो कि आसानी से नहीं समझे जा सकते।

इसलिए समस्या को सुलझाने के लिए वेब ब्राउज़र का निर्माण किया गया जो कि एचटीएमएल टैग्स और कमांड्स को समझकर यूजर के सामने सिर्फ इंफॉर्मेशन दिखाएं।

जिससे यूजर को सिर्फ वही इंफॉर्मेशन मिलेगी जिसको वह खोज रहा है और उसका ज्यादा समय व्यर्थ नहीं होगा।

Tim Berners Lee ने अपनी इस प्रोग्राम को ब्राउज़र नाम दिया जिसको आज हम वेब ब्राउज़र के नाम से जानते हैं। 

यदि आप यह जानना चाहते हैं कि दुनिया का first web browser kaun sa hai तो मैं आपको बता दो कि पहला वेब ब्राउज़र 1990 में बना था और उसका नाम वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) रखा गया था।

वेब ब्राउज़र काफी सरे नेटवर्क्स के बीच में से हमारे लिए जानकरियां लता है और यह सब नेटवर्क अलग अलग टोपोलॉजी से कनेक्टेड होते है जिसकी वज़ह से हमारे पास डाटा जल्दी और अच्छे तरह से पहुँच पता है।

WebShieldz पर आपको नेटवर्किंग से जुडी हुवी साड़ी जानकरी मिल जायेनेगी। आप इस ब्लॉग को फॉलो कर सकते है और नेटवर्किंग के बारे में साड़ी जानकारियां फ्री में ले सकते है।

Web Browser Kaise Kaam Karta Hai – वेब ब्राउज़र कैसे काम करता है?

वैसे तो ब्राउज़र अकेला ही काफी सारे काम कर सकता है परंतु ब्राउज़र को भी अपना मुख्य कार्य करने के लिए इंटरनेट, डोमेन, सर्वर्स और बाकी चीजों की जरूरत पड़ती है।आइए समझते हैं कि एक वेब ब्राउजर कैसे काम करता है।

ब्राउज़र को इंटरनेट से जोड़ने के लिए मुख्य रूप से लोकेशन और एड्रेस की जरूरत पड़ती है। 

लोकेशन या फिर एड्रेस को हम यूआरएल के नाम से भी जानते हैं। यू आर एल (URL)की फुल फॉर्म यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (Uniform Resource Locator) होती है। 

किसी भी यूआरएल को दो भागों में तोड़ा जा सकता है। और उन दो भागों में से एक भाग होगा प्रोटोकॉल और दूसरा होगा डोमेन नेम।

हम यूआरएल या फिर एड्रेस यू आर ए बॉक्स या एड्रेस ब्राउज़र में डालते हैं और उसके बात वेब ब्राउज़र उस एड्रेस पूछता है।

वेब ब्राउज़र वहां पर जितने भी एचटीएमएल टैग्स, कोट्स और कमांड होते हैं उनको पहले पढ़ता और समझता है जिसके बाद वह उस जानकारी को हम तक पहुंचाता है।

इस तरह से हम यह कह सकते हैं कि पहले वेब ब्राउजर किसी भी वेब पेज को पड़ता है उसके बाद ही यूजर तक वह पर वेब पेज पहुंचाता है।

सभी वेब ब्राउज़र्स का काम करने का तरीका एक जैसा होता है क्योंकि ब्राउज़र को बनाने के लिए जो भी प्रोग्राम और कोड का इस्तेमाल होता है वह कुछ खास प्रोग्रामस को दिया जाता है जिसके बाद वह सुनिश्चित करते हैं कि यह अपना काम अच्छे से कर रहा है कि नहीं।

इसी के कारण हर ब्राउज़र में एक समानता बनी रहती हैं और हमें हमारी इंफॉर्मेशन मिल जाती है।

Function Of Web Browser In Hindi – वेब ब्राउज़र के क्या कार्य है?

वेब ब्राउज़र के फंक्शन निम्नलिखित है:

  • वेब ब्राउज़र एचटीएमएल कोडिंग को समझकर नार्मल लैंग्वेज में हमारे सामने इंफॉर्मेशन प्रदान करता है।
  • वेब ब्राउज़र वेबसाइट के कंटेंट, फोटोस, वीडियोस और बाकी जानकारी को यूज़र तक पहुंचाता है।
  • जब भी वेब ब्राउज़र के पास किसी पेज को लोड करने की रिक्वेस्ट आती है तो वह वेब सर्वर से उस इंफॉर्मेशन को सर्च इंजन की मदद से यूजर तक पहुंचाता है।

Features of Web Browser – वेब ब्राउज़र के फीचर्स

#1. Home Button

होम बटन पर क्लिक करने के बाद आप जिस भी वेब पेज या वेबसाइट पर होंगे उस से वापस अपने ब्राउज़र के होम पेज पर आ जाएंगे।

#2. Address Bar

एड्रेस बार वह लोकेशन है जहां पर आपको अपने डोमेन या किसी भी वेबसाइट का एड्रेस डालना होता है जिसके बाद आपका वेब ब्राउजर उस वेब पेज पर जाकर आपके लिए वह सारी इनफार्मेशन लेकर आएगा जिसकी मदद से आप उस पर लिखी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

#3. Back and Forward Buttons

यदि आप को अपने अभी के वेब पेज से पिछले वाले वेब पेज पर जाना है तो आप बैक बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं और यदि आप पीछे पेज पर आ गए हैं और आपको अगले वाले वेब पेज पर जाना है तो आप फारवर्ड बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

#4. Tabs

ब्राउज़र के अंदर काफी सारी Tabs खोली जा सकती है जिनकी सहायता से आप एक ही वक्त में काफी सारी वेबसाइट्स की जानकारी ले सकते हैं और किसी एक वेबसाइट पर काम भी कर सकते हैं।

#5. Menu

ब्राउज़र के अंदर अपना एक Menu होता है जिसमें काफी अलग तरह की फीचर्स होते हैं आप उन फीचर्स की मदद से अपने वेब ब्राउज़र को फास्ट और ज्यादा अच्छा परफॉर्म करने वाला भी बना सकते हैं।

#6. Refresh

यदि आपको Web page फिर से देखना है तो आप रिफ्रेश के बटन पर क्लिक करके उसको फिर से लोड करवा सकते हैं। इसके बाद आपको रिफ्रेश हुए पेज की जानकारी दिखाई देगी।

#7. Bookmarks

यदि आप कोई वेबसाइट बार-बार और सेट visit करते हैं या फिर आपको किसी वेबसाइट का ज्यादा ही काम पड़ता है तो आप उसको अपने बुकमार्क में भी सेव कर सकते हैं जिसके बाद आप सिर्फ एक ही क्लिक में उस वेबसाइट पर पहुंच सकते हैं।

#8. Stop

यदि आपको अपना web page रिफ्रेश नहीं करना था और वह आपसे गलती से हो गया है तो आप स्टॉप के बटन पर क्लिक कर कर उसको रोक सकते हैं।

Types Of Web Browser In Hindi – वेब ब्राउज़र के प्रकार 

कुछ प्रसिद्ध ब्राउज़र के नाम निम्नलिखित हैं :

  1. Google Chrome Browser
  2. Mozilla Firefox
  3. Microsoft Edge
  4. Opera Browser
  5. Safari
  6. Internet Explorer

Default Browser Kya Hota Hai – डीफॉल्ट वेब ब्राउज़र क्या होता है?

काफी बार ऐसा होता है कि हमारे कंप्यूटर में कोई भी ब्राउज़र डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र की तरह सेट नहीं होता। इसकी वजह से जब भी हमें कभी कोई Web page  खोलना होता है तो वह हमसे यह पूछता है कि आप किस ब्राउज़र में अपना वेब पेज खोलना चाहेंगे।

यदि आप एक डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र पहले से ही सेलेक्ट कर लेते हैं तो आपका कंप्यूटर या मोबाइल फोन आपसे यह नहीं पूछेगा की आपको कौनसे ब्राउज़र में अपना वेब पेज या फाइल को खोलना है। डिफॉल्ट का मतलब पहले से चुना हुआ होता है।

Brave Browser Kya Hai – ब्रेव ब्राउज़र क्या है?

गूगल क्रोम ब्राउजर की तरह ही ब्रेव ब्राउजर भी एक वेब ब्राउज़र है। ब्रेव वेब ब्राउज़र हाल ही में काफी ज्यादा प्रसिद्ध हुआ है क्योंकि इस ब्राउज़र में नहीं तो ज्यादा एडवरटाइजमेंट्स आते हैं और ना ही यह आपके डाटा को कुकीज में स्टोर करता है। 

निष्कर्ष 

आज हमने इस लेख में यह समझा की web browser kya hai और यह कैसे काम करता है। हमने या भी जाना कि वेब ब्राउज़र के कितने प्रकार होते हैं और वेब ब्राउजर को काम करने के लिए किन-किन चीजों की आवश्यकता पड़ती है।

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